आदर्श गैस का दाब के लिए सूत्र - Param Himalaya - परम हिमालय

Param Himalaya - परम हिमालय

Param Himalaya provides NCERT solutions , notes and books for class 9, 10 , 11 , 12 physics and Our videos lecture are comprehensive and easy to understand

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

Tuesday, January 27, 2026

आदर्श गैस का दाब के लिए सूत्र

आदर्श गैस का दाब (Pressure of an Ideal Gas) : 

मान लीजिए कि एक घनाकार पात्र है जिसकी प्रत्येक भुजा की लंबाई $L$ है और उसकी दीवारें पूर्णतः प्रत्यास्थ (perfectly elastic) हैं। इसमें $N$ अणु हैं, प्रत्येक का द्रव्यमान $m$ है। अणुओं की गतियाँ क्रमशः $C_1, C_2, \dots, C_n$ हैं। निर्देशांक अक्ष $X, Y, Z$ घन की भुजाओं के समानांतर हैं। वेग के अवयव क्रमशः $u, v, w$ हैं।  

आदर्श गैस का दाब (Pressure of an Ideal Gas) :

$C_1^2 = u_1^2 + v_1^2 + w_1^2 \quad ...(1)$

$C_2^2 = u_2^2 + v_2^2 + w_2^2 \quad ...(2) $

$C_n^2 = u_n^2 + v_n^2 + w_n^2 \quad ...(3)$

मानो कि कोई एक अणु किसी क्षण $C_1$ वेग से गति कर रहा है। यह अणु $X$-दिशा में गति करता हुआ वेग के $X$-घटक $u_1$ से पात्र की दीवार $abcd$ से टकराता है।  टक्कर प्रत्यास्थ होने से अणु की गतिक ऊर्जा अपरिवर्तित रहती है, केवल वेग की दिशा विपरीत हो जाती है। अतः दीवार $abcd$ से टकराने पर अणु का वेग घटक $u_1$ से परिवर्तित होकर $-u_1$ हो जाता है।  

दीवार से टकराने से पूर्व अणु का $X$-दिशा में संवेग:

$p_{\text{initial}} = m u_1$

दीवार से टकराने के पश्चात अणु का $X$-दिशा में संवेग:

$p_{\text{final}} = -m u_1$

अतः एक टक्कर में अणु के $X$-दिशा में संवेग में परिवर्तन:

$\Delta p = p_{\text{final}} - p_{\text{initial}} = -m u_1 - (m u_1)$

$\Delta p= -2 m u_1$

संवेग संरक्षण के नियम से अणु व दीवार का कुल संवेग संरक्षित रहता है।  

अतः एक टक्कर में दीवार $abcd$ का स्थानान्तरण संवेग:

$\Delta p = 2 m u_1$

अब यह अणु दीवार $abcd$ से टकराकर पुनः लौटता है, 

फिर सामने वाली दीवार $oefg$ से टकराता है तथा फिर पुनः लौटकर दीवार $abcd$ से टकराता है। 

इस प्रकार दीवार $abcd$ से पुनः टकराने के लिए अणु $2L$ दूरी तय करता है।  

अणु को $2L$ दूरी तय करने में लगा समय:

$ \Delta t$= दूरी/चाल 

$ \Delta t= \frac{2L}{u_1}$ सेकण्ड

न्यूटन के द्वितीय नियम से दीवार $abcd$ पर इस अणु द्वारा आरोपित बल:

$f = \frac{\Delta p}{\Delta t} = \frac{2 m u_1}{\tfrac{2L}{u_1}} = \frac{m u_1^2}{L}$

गैस के सभी अणुओं द्वारा दीवार $abcd$ पर आरोपित बल:

$F_x = \frac{m u_1^2}{L} + \frac{m u_2^2}{L} + \frac{m u_3^2}{L} + \dots + \frac{m u_n^2}{L}$

अतः

$F_x = \frac{m}{L} \left( u_1^2 + u_2^2 + u_3^2 + \dots + u_n^2 \right)$

$F_x = \frac{m}{L} \sum_{i=1}^{N} u_i^2 \tag{4}$

$P_x = \frac{F_x}{A} = \frac{F_x}{L^2} = \frac{m}{L^3} (u_1^2 + u_2^2 + \ldots + u_N^2)$

   $= \frac{m}{L^3} \sum_{i=1}^{N} u_i^2 \tag{5}$

$P_y = \frac{F_y}{L^2} = \frac{m}{L^3} (v_1^2 + v_2^2 + \ldots + v_N^2)$

$= \frac{m}{L^3} \sum_{i=1}^{N} v_i^2 \tag{6}$

$P_z = \frac{F_z}{L^2} = \frac{m}{L^3} (w_1^2 + w_2^2 + \ldots + w_N^2)$

    $= \frac{m}{L^3} \sum_{i=1}^{N} w_i^2 \tag{7}$

$P = \frac{P_x + P_y + P_z}{3}$

$P= \frac{m}{3L^3} \left[ \sum_{i=1}^{N} u_i^2 + \sum_{i=1}^{N} v_i^2 + \sum_{i=1}^{N} w_i^2 \right]$

$= \frac{m}{3L^3} \sum_{i=1}^{N} (u_i^2 + v_i^2 + w_i^2)$

$= \frac{m}{3L^3} \sum_{i=1}^{N} C_i^2$

$ = \frac{mNC^2}{3L^3}$

$\overline{C^2} = \frac{C_1^2 + C_2^2 + C_3^2 + \ldots + C_N^2}{N}$

इसे वर्ग माध्य वेग (Mean square velocity)कहते हैं।  

यदि गैस का कुल द्रव्यमान $M$ हो तो  

$M = mN$

अतः  

$P =  \frac{MC^2}{3L^3} = \frac{1}{3} \frac{M}{V} \overline{C^2} = \frac{1}{3} \rho \overline{C^2}$

जहाँ  

$V = L^3$(पात्र का आयतन) 

$\rho = \frac{M}{V}$ (गैस का घनत्व)

1 मोल के लिए  

$M = M_A$(गैस का अणुभार)

$N = N_A$(आवोगाद्रो संख्या)

अतः 1 मोल गैस का दाब  

$P = \frac{1}{3} \frac{M_A}{V} \overline{C^2}$

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad