Lyrics - हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी अम्ब विमल मति दे - Hey Hans vahini gyan dayini सरस्वती वंदना Saraswati vandana - Param Himalaya - परम हिमालय

Wednesday, February 14, 2024

Lyrics - हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी अम्ब विमल मति दे - Hey Hans vahini gyan dayini सरस्वती वंदना Saraswati vandana

सरस्वती वंदना -  हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी अम्ब विमल मति दे - Saraswati vandana hey Hans vahini gyan dayini lyrics


हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी

अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥

जग सिरमौर बनाएं भारत,

वह बल विक्रम दे। वह बल विक्रम दे॥

हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी

अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥

साहस शील हृदय में भर दे,

जीवन त्याग-तपोमय कर दे,

संयम सत्य स्नेह का वर दे,

स्वाभिमान भर दे। स्वाभिमान भर दे॥1

हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी

अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥

लव, कुश, ध्रुव, प्रहलाद बनें हम

मानवता का त्रास हरें हम,

सीता, सावित्री, दुर्गा मां,

फिर घर-घर भर दे॥2

हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी

अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥

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