Notes - गैस की विशिष्ट ऊष्मा (Specific Heat of Gas) : Class 11 Physics ऊष्मागतिकी Thermodynamics

Notes - गैस की विशिष्ट ऊष्मा (Specific Heat of Gas) : Class 11 Physics ऊष्मागतिकी Thermodynamics

गैस की विशिष्ट ऊष्मा (Specific Heat of Gas) : 

यदि किसी पदार्थ का द्रव्यमान ( m ) हो और उसका तापमान ( $\Delta T$) बदलने के लिए आवश्यक ऊष्मा ( $\Delta Q$ ) हो, तो:

$s = \frac{\Delta Q}{m \Delta T}$

मात्रक: $J {kg}^{-1}{K}^{-1}$

अर्थात् विशिष्ट ऊष्मा उस ऊष्मा के बराबर होती है जो 1 ग्राम पदार्थ का ताप 1°C बढ़ाने के लिए आवश्यक होती है।

मोलर विशिष्ट ऊष्मा (Molar Specific Heat) : 

जब पदार्थ की मात्रा को ग्राम के स्थान पर मोल ( n ) में व्यक्त किया जाए, तो प्रति मोल ऊष्मा को मोलर विशिष्ट ऊष्मा ( C ) कहते हैं:

$C = \frac{\Delta Q}{n \Delta T}$

यहाँ (C) को मोलर विशिष्ट ऊष्मा धारिता कहते हैं। यह पदार्थ के परिमाण पर निर्भर नहीं करता, बल्कि प्रदत्त ऊष्मा की परिस्थितियों, पदार्थ की प्रकृति और उसके ताप पर निर्भर करता है।  

मात्रक: $J {mol}^{-1} {K}^{-1}$

किसी गैस की मोलर विशिष्ट ऊष्मा दो परिस्थितियों में परिभाषित की जाती है:

(i) स्थिर आयतन पर मोलर विशिष्ट ऊष्मा ( $C_v$) :

स्थिर आयतन पर किसी गैस के 1 मोल का ताप 1°C बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा:

$Cv = \left( \frac{\Delta Q}{\Delta T} \right)v$

(ii) स्थिर दाब पर मोलर विशिष्ट ऊष्मा ( $C_p$)

स्थिर दाब पर किसी गैस के 1 मोल का ताप 1°C बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा:

$Cp = \left( \frac{\Delta Q}{\Delta T} \right)p$

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