भारत के 10 प्राचीन महान वैज्ञानिक के जिन्होंने अपने ज्ञान और अविष्कार से दुनिया को नई दिशा दी :
1.भास्कराचार्य (1114-1179 ईस्वी) : गुरुत्वाकर्षण, चंद्रग्रहण और सूर्यग्रहण की सटीक जानकारी दी।
2. आर्यभट्ट (475 ईस्वी) : इन्होंने सिद्ध किया कि धरती गोल है, सूर्य का चक्कर लगाती। सूर्य से दूरी को बताया। साथ ही दशमलव प्रणाली विकसित की।
3. वराहमिहिर (499-587 ईस्वी) : खगोलशास्त्री जिन्होंने बताया कि अयनांश का मान 50.32 सेकेण्ड के बराबर है। सौर, चन्द्र, वर्षीय और पाक्षिक कैलेंडर विकसित किया।
4. महर्षि सुश्रुत (400 पूर्व ) : सर्जरी के आविष्कारक, प्लास्टिक सर्जरी जैसी कई तरह की जटिल शल्य चिकित्सा के सिद्धांत प्रतिपादित किए।
5. नागार्जुन (दूसरी शताब्दी ) : रसायनशास्त्री और चिकित्सक नागार्जुन द्रव्य, रसायन शास्त्र और धातु विज्ञान के जनक हैं।
6. आचार्य चरक (300-200 ईसा पूर्व) : आयुर्वेदाचार्य और त्वचा चिकित्सा के जनक ।
7. ऋषि भारद्वाज (600 ईसा पूर्व): विमान प्रौद्योगिकी के जनक।
8. ऋषि कणाद (600 ईसा पूर्व ) : परमाणु, गुरुत्वाकर्षण और गति के सिद्धांत के जनक |
9. बौधायन (800 ईसा पूर्व ) : प्रमेय, रेखागणित, ज्यामिति और त्रिकोणमिति के जनक |
10. महर्षि अगस्त्य (3000 ईसा पूर्व ) : बिजली के अविष्कारक, आकाश में उड़ने वाले गुब्बारे और विमान तकनीक के जनक ।
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