Lyrics : या कुन्देन्दुतुषारहारधवला Ya Kundendu Tusharahara Dhaval Saraswati Vandana सरस्वती वंदना - Param Himalaya - Param Himalaya - परम हिमालय

Param Himalaya - परम हिमालय

Param Himalaya provides NCERT solutions , notes and books for class 9, 10 , 11 , 12 physics and Our videos lecture are comprehensive and easy to understand

Home Top Ad

Post Top Ad

Sunday, January 26, 2025

Lyrics : या कुन्देन्दुतुषारहारधवला Ya Kundendu Tusharahara Dhaval Saraswati Vandana सरस्वती वंदना - Param Himalaya

Lyrics : Saraswati Vandana सरस्वती वंदना या कुन्देन्दुतुषारहारधवला Ya Kundendu Tusharahara Dhavala  param Himalaya 


या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता

या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।

या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता

सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥1॥

शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं

वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌।

हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्‌

वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्‌॥2॥

सरस्‍वती वंदना या कुन्देन्दुतुषारहारधवला का अर्थ 

इन शब्‍दों का अर्थ है क‍ि जो विद्या की देवी भगवती सरस्वती कुन्द के फूल, चंद्रमा, हिमराशि और मोती के हार की तरह धवल वर्ण की हैं और जो श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, जिनके हाथ में वीणा-दण्ड शोभायमान है, जिन्होंने श्वेत कमलों पर आसन ग्रहण किया है तथा ब्रह्मा, विष्णु एवं शंकर आदि देवताओं द्वारा जो सदा पूजित हैं, वही संपूर्ण जड़ता और अज्ञान को दूर कर देने वाली मां सरस्वती हमारी रक्षा करें

शुक्लवर्ण वाली, संपूर्ण चराचर जगत्‌ में व्याप्त, आदिशक्ति, परब्रह्म के विषय में किए गए विचार एवं चिंतन के सार रूप परम उत्कर्ष को धारण करने वाली, सभी भयों से भयदान देने वाली, अज्ञान के अंधेरे को मिटाने वाली, हाथों में वीणा, पुस्तक और स्फटिक की माला धारण करने वाली और पद्मासन पर विराजमान बुद्धि प्रदान करने वाली, सर्वोच्च ऐश्वर्य से अलंकृत, भगवती शारदा (सरस्वती देवी) की मैं वंदना करता या करती हूं। 

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad