Lyrics - हे ऋषिवर शत शत वंदन , he rishiver sat sat vandan - Param Himalaya - Param Himalaya - परम हिमालय

Param Himalaya - परम हिमालय

Param Himalaya provides NCERT solutions , notes and books for class 9, 10 , 11 , 12 physics and Our videos lecture are comprehensive and easy to understand

Home Top Ad

Post Top Ad

Saturday, March 1, 2025

Lyrics - हे ऋषिवर शत शत वंदन , he rishiver sat sat vandan - Param Himalaya

गुरु जी - हे ऋषिवर शत शत वंदन , he rishiver sat sat vandan - Param Himalaya 



हे ऋषिवर शत शत वंदन

हे ऋषिवर शत शत वंदन

हे ऋषिवर शत शत वंदन ॥धृ॥

हे महानतम संन्यासी, हिन्दुराष्ट्र के अभिलाषी ।

जग कल्याणमयी संस्कृति का, करते थे पल-पल चिंतन ॥१॥

हे विराट हे स्नेहागार, हुए ध्येय से एकाकार ।

गरलपान अमृत छलकाया, इस युग में सागर मंथन ॥२॥ 

हे परिव्राजक राष्ट्रपुजारी, तुमसे षडरिपु शक्ति हारी ।

कोटि कोटि नवयुवक बढ़ रहे, कर न्योछावर निज यौवन ॥३॥

हे अभिनव अनथक योगी, निश्चित पूर्ण विजय होगी ।

अखंड मान वैभव ले प्रगटे, दसों दिशा से यज्ञ सुगंध ॥४॥|    

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad