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Showing posts from September, 2025

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स्वागत गीत : अथ स्वागतम् शुभ स्वागतम् (Ath Swagatam Shubh Swagatam)

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स्वागत गीत : अथ स्वागतम् शुभ स्वागतम् (Ath Swagatam Shubh Swagatam)  अथ स्वागतं शुभ स्वागतम्  स्वागतम् । अथ स्वागतं शुभ स्वागतम् । आनंद मंगल मंगलम् । नित प्रियं भारत भारतम् ॥ ध्रु.॥ नित्य निरंतरता नवता मानवता समता ममता सारथि साथ मनोरथ का जो अनिवार नहीं थमता संकल्प अविजित अभिमतम् ॥ १॥ आनंद मंगल मंगलम् । नित प्रियं भारत भारतम् । अथ स्वागतं शुभ स्वागतम् ॥ कुसुमित नई कामनाएँ सुरभित नई साधनाएँ मैत्रीमात क्रीडांगन में प्रमुदित बन्धु भावनाएँ शाश्वत सुविकसित इति शुभम् ॥ २॥ आनंद मंगल मंगलम् । नित प्रियं भारत भारतम् । अथ स्वागतं शुभ स्वागतम् ॥

NCERT Solutions कक्षा 12 भौतिक विज्ञान अध्याय 13 नाभिक हिंदी में Class 12 Physics Chapter 13 Nuclei in hindi

NCERT Solutions कक्षा 12 भौतिक विज्ञान अध्याय 13 नाभिक हिंदी में Class 12 Physics Chapter 13 Nuclei in hindi

NCERT Solutions कक्षा 12 भौतिक विज्ञान अध्याय 12 परमाणु हिंदी में Class 12 Physics Chapter 12 Atom in hindi

NCERT Solutions कक्षा 12 भौतिक विज्ञान अध्याय 12 परमाणु हिंदी में Class 12 Physics Chapter 12 Atom in hindi

नाभिकीय विखंडन , नाभिकीय संलयन और तारों में ऊर्जा जनन , नियंत्रित ताप नाभिकीय संलयन - Nuclear Energy: Fission, Fusion, Stellar Energy Generation, and Controlled Thermonuclear Fusion"

नाभिकीय विखंडन , नाभिकीय संलयन और तारों में ऊर्जा जनन , नियंत्रित ताप नाभिकीय संलयन - Nuclear Energy: Fission, Fusion, Stellar Energy Generation, and Controlled Thermonuclear Fusion" नाभिकीय ऊर्जा  नाभिकीय ऊर्जा वह ऊर्जा है जो किसी परमाणु के नाभिक में प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों को एक साथ बाँधने के लिए चाहिए। वास्तव में यह ऊर्जा बंधन ऊर्जा (Binding Energy) होती है। जब अलग–अलग न्यूक्लियॉनों से एक नाभिक बनता है तो उसका वास्तविक द्रव्यमान अपेक्षित द्रव्यमान से कम होता है। यह कमी = द्रव्यमान क्षति (Mass Defect, Δm)। आइंस्टीन के समीकरण से, यह ऊर्जा में बदल जाती है: $E_b = \Delta m \, c^2/$ $\text{B.E./Nucleon} = \frac{E_b}{A}$ लोहे (Fe, A ≈ 56) और निकेल (Ni) के लिए यह सबसे अधिक है (~8.8 MeV)। छोटे नाभिकों में B.E./nucleon कम → वे संलयन द्वारा स्थिर होते हैं। बड़े नाभिकों (U, Pu) में B.E./nucleon भी कम → वे विखंडन द्वारा स्थिर होते हैं। ऊर्जा उत्पादन तभी संभव है जब किसी अभिक्रिया में बने नाभिकों का B.E./nucleon पहले से अधिक हो। इसका मतलब → हल्के नाभिकों का संलयन (fusion) → ऊर्जा निकलती है।...

द्रव्यमान क्षति और बंधन ऊर्जा | प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा के साथ उदाहरण , Mass Defect and Binding Energy | Binding Energy per Nucleon with Example

द्रव्यमान क्षति और बंधन ऊर्जा | प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा के साथ उदाहरण Mass Defect and Binding Energy | Binding Energy per Nucleon with Example द्रव्यमान क्षति एवं बंधन ऊर्जा :  1. द्रव्यमान क्षति (Mass Defect) किसी परमाणु नाभिक का वास्तविक द्रव्यमान, उसमें मौजूद प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों के द्रव्यमानों के योग से कम होता है।   इस अंतर को ही द्रव्यमान क्षति $(\Delta m)$ कहते हैं। $\Delta m = (Z m_p + N m_n) - M_n$ जहाँ,   $Z =$ प्रोटॉनों की संख्या $N =$ न्यूट्रॉनों की संख्या $m_p =$ प्रोटॉन का द्रव्यमान $m_n =$ न्यूट्रॉन का द्रव्यमान $M_n =$ नाभिक का वास्तविक द्रव्यमान 2. बंधन ऊर्जा (Binding Energy) नाभिक को तोड़कर प्रोटॉन और न्यूट्रॉन अलग करने के लिए जितनी ऊर्जा चाहिए, उसे बंधन ऊर्जा $(E_b)$ कहते हैं।   $E_b = \Delta m \, c^2$ या परमाणु द्रव्यमान इकाई में,   $E_b = \Delta m \times 931.5 \, \text{MeV}$ 3. प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा :  किसी नाभिक की स्थिरता जानने के लिए प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा निकाली जाती है।   $\frac{E...

परिभाषा : परमाणु द्रव्यमान इकाई (Atomic Mass Unit – amu/u) - Definition , Class 12 physics

परमाणु द्रव्यमान इकाई (Atomic Mass Unit – amu/u) परिभाषा :  परमाणु द्रव्यमान इकाई (amu या u) को कार्बन-12 (${_}^{12}C$) समस्थानिक के एक परमाणु के द्रव्यमान के $\frac{1}{12}$ भाग के रूप में परिभाषित किया जाता है।''} $1 \, u = \frac{1}{12} \times \text{द्रव्यमान एक} _^{12}C \text{परमाणु का}$ गणना (Calculation of 1 amu) :  Step 1: कार्बन-12 का मोलर द्रव्यमान} मोलर द्रव्यमान = 12 g = 0.012 kg Step 2: एवोगैड्रो संख्या $N_A = 6.022 \times 10^{23} \text{परमाणु / मोल}$ Step 3: एक कार्बन-12 परमाणु का द्रव्यमान $\text{द्रव्यमान 1}_^{12}C \text{परमाणु का } = \frac{0.012}{6.022 \times 10^{23}} \, kg$ $\approx 1.994 \times 10^{-26} \, kg$ Step 4: 1 amu की गणना :  $1 \, u = \frac{1}{12} \times 1.994 \times 10^{-26}$ $1 \, u \approx 1.6605 \times 10^{-27} \, kg$ संख्यात्मक मान : $1 \, u = 1.6605 \times 10^{-27} \, kg$ $1 \, u = 931 \, \text{MeV}/c^2$ निष्कर्ष :  परमाणु द्रव्यमान इकाई (amu/u) परमाणुओं और अणुओं के द्रव्यमान को व्यक्त करने की  सर्वमान्य और सुविधाजनक इकाई है। इसे ...

बोर के क्वांटीकरण के दूसरे नियम का डी-ब्रोगली द्वारा स्पष्टीकरण - Class 12 Physics Chapter 12 परमाणु Atom

बोर के क्वांटीकरण के दूसरे नियम का डी-ब्रोगली द्वारा स्पष्टीकरण Bohr’s Quantization Second Postulate Explained by de Broglie – Class 12 Physics Chapter 12 Atom (परमाणु)" 1. बोहर का दूसरा क्वांटीकरण नियम इलेक्ट्रॉन केवल कुछ निश्चित कक्षाओं (orbits) में ही घूम सकता है। इन कक्षाओं में इलेक्ट्रॉन का कोणीय संवेग (Angular Momentum) क्वांटाइज़्ड होता है। \( mvr = \frac{nh}{2\pi}, \; n=1,2,3... \) 2. डी-ब्रोगली परिकल्पना इलेक्ट्रॉन तरंग की तरह भी व्यवहार करता है। इसकी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) होती है : \( \lambda = \frac{h}{mv} \) 3. स्थायी तरंग की शर्त इलेक्ट्रॉन यदि तरंग की तरह वृत्ताकार कक्षा में घूमता है तो परिधि पर पूर्णांक गुणज (Integral multiple) तरंगदैर्ध्य फिट होना चाहिए। \( 2\pi r = n\lambda, \; n=1,2,3... \) 4. बोहर नियम की प्राप्ति \( \lambda = \frac{h}{mv} \) रखने पर : \( 2\pi r = n \cdot \frac{h}{mv} \) \( mvr = \frac{nh}{2\pi} \)...

रदरफोर्ड मॉडल की मुख्य कमियाँ , बोहर मॉडल द्वारा समाधान - Class 12 Physics Atom परमाणु

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रदरफोर्ड मॉडल की मुख्य कमियाँ 1. परमाणु स्थिरता का स्पष्टीकरण नहीं :  रदरफोर्ड के अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर घूमते रहते हैं। कक्षा में घूमते समय इलेक्ट्रॉन लगातार ऊर्जा उत्सर्जित करते हैं और अंततः नाभिक में गिर जाते। इससे परमाणु अस्थिर होता, जबकि वास्तविकता में परमाणु स्थिर होते हैं। 2. परमाणु स्पेक्ट्रा की व्याख्या में विफलता :  रदरफोर्ड मॉडल में इलेक्ट्रॉन किसी भी ऊर्जा वाले वृत्तीय मार्ग पर घूम सकते हैं। इससे सतत (continuous) स्पेक्ट्रम उत्पन्न होता, जबकि प्रयोग में परमाणु असतत (discrete) रेखाओं वाला स्पेक्ट्रम उत्सर्जित करते हैं। 3. क्वांटम यांत्रिकी का अभाव :  रदरफोर्ड मॉडल में इलेक्ट्रॉनों की ऊर्जा और कक्षाओं को क्वांटम सिद्धांत से नहीं जोड़ा गया। वास्तविक परमाणु व्यवहार को समझने के लिए यह आवश्यक था। बोहर मॉडल द्वारा इन कमियों का समाधान 1. इलेक्ट्रॉन के लिए निश्चित कक्षाएं (Stationary Orbits) :  बोहर ने प्रस्ताव रखा कि इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर केवल कुछ निश्चित ऊर्जा वाली कक्षाओं में ही घूम सकते हैं। 2. ऊर्जा उत्सर्जन में कमी :  स्थायी क...

Free Class 11 Physics Notes in hindi Chapter Wise भौतिक विज्ञान नोट्स

Ncert Solution कक्षा 12 भौतिक विज्ञान chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा

NCERT Solutions for Class 12 Physics Chapter 7 Alternating Current in hindi Ncert Solution कक्षा 12 भौतिक विज्ञान अध्याय 7 प्रत्यावर्ती धारा हिंदी में 

Ncert Solution कक्षा 12 भौतिक विज्ञान Chapter 8 वैद्युतचुम्बकीय तरंगे , हिंदी में

NCERT Solutions for Class 12 Physics Chapter 8 Electromagnetic Waves in Pdf Ncert Solution हिंदी कक्षा 12 भौतिक विज्ञान अध्याय 8 वैद्युतचुम्बकीय तरंगे .

मैक्सवेल की समीकरणें (Maxwell's Equations) - Class 12 Physics

मैक्सवेल की समीकरणें (Maxwell's Equations) :  मैक्सवेल ने विद्युत तथा चुंबकत्व के आधारभूत नियमों को गणितीय रूप में दिया। इन्हें मैक्सवेल के समीकरण कहते हैं। इन समीकरणों के आधार पर मैक्सवेल ने विद्युतचुंबकीय तरंगों के अस्तित्व की भविष्यवाणी की।  (1) विद्युत का गाउस का नियम (Gauss' Law of Electricity) इसके अनुसार, किसी बन्द पृष्ठ से बन्द विद्युत फ्लक्स पृष्ठ द्वारा घेरे गये आवेश का $\dfrac{1}{\varepsilon_{0}}$ गुणा होता है, अर्थात् $\oint \vec{E} \cdot d\vec{A} = \frac{q}{\varepsilon_{0}}$ (2) चुंबकत्व का गाउस का नियम (Gauss' Law of Magnetism)} इसके अनुसार, किसी बन्द पृष्ठ से बन्द चुंबकीय फ्लक्स सदा शून्य होता है, अर्थात् $\oint \vec{B} \cdot d\vec{A} = 0$ यह मैक्सवेल का द्वितीय समीकरण है। यह नियम दर्शाता है कि प्रकृति में स्वतंत्र चुंबकीय ध्रुव का कोई अस्तित्व नहीं है।  (3) विद्युतचुंबकीय प्रेरण का फैराडे का नियम (Faraday's Law of Electromagnetic Induction) इसके अनुसार, किसी बन्द परिपथ में प्रेरित विद्युतवाहक बल परिपथ से बन्द चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन की दर का ऋणात्मक ...

कक्षा 12 रसायन विज्ञान नोट्स पीडीऍफ़ डाउनलोड|Class 12th Chemistry Notes PDF Download

कक्षा 12 रसायन विज्ञान नोट्स हिन्दी पीडीऍफ़ डाउनलोड|Class 12th Chemistry Notes Hindi PDF Download अध्याय 1. विलयन अध्याय 2. वैधुतरसायन अध्याय 3. रासायनिक बलगतिकी अध्याय 4. d- एवं f- ब्लॉक के तत्व अध्याय 5. उपसहसंयोजन यौगिक अध्याय 6. हैलोएल्केन तथा हैलोएरीन अध्याय 7. एल्कोहल, फिनॉल एवं ईथर अध्याय 8. एल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल अध्याय 9. एमीन अध्याय 10. जैव-अणु

Ncert Solution कक्षा 12 भौतिक विज्ञान अध्याय 4 गतिमान आवेश और चुंबकत्व

Ncert Solution in Hindi Class 12 Physics Chapter 4 Moving Charges and Magnetism in pdf Ncert Solution हिंदी में 12 भौतिक विज्ञान अध्याय 4 गतिमान आवेश और चुंबकत्व Pdf में Question solution देखने के लिए pdf को touch कर ऊपर नीचे करे

Lyrics - कदम कदम पर बचा रहे हो, ये तुम ही हो जो निभा रहे हो - कृष्ण भजन

कदम कदम पर बचा रहे हो, ये तुम ही हो जो निभा रहे हो, ये तुम ही हो जो निभा रहे हो।। मजबूरियां मेरी समझी तुमने, थामे रखा है हाथों को तुमने, रस्ते का कंकर हटा रहे हो, ये तुम ही हो जो निभा रहे हो।। कमियां कई है श्याम मुझमें, अपनाया मुझे संग पापों के तुमने, गुनाहों को ढकते ही जा रहे हो, ये तुम ही हो जो निभा रहे हो।। कैसे 'कमल' बता श्याम जीते, मर जाते ये जख्म सीते सीते, हाथों से मरहम लगा रहे हो, ये तुम ही हो जो निभा रहे हो।। कदम कदम पर बचा रहे हो, ये तुम ही हो जो निभा रहे हो, ये तुम ही हो जो निभा रहे हो।।